ख़ूबसूरत है वो इतना सहा नहीं जाता

ख़ूबसूरत है वो इतना
सहा नहीं जाता
कैसे हम ख़ुद को
रोक लें
रहा नहीं जाता -२

images (3)

चाँद में दाग़ है
ये जानते हैं हम
लेकिन
रात भर देखे बिना उसको
रहा नहीं जाता

ख़ूबसूरत है वो इतना सहा नहीं जाता

images (3)

जो मेरा हो नहीं पायेगा
इस जहाँ में कहीं
रूह बन कर मिलूँगा
उसको
आस्माँ में कहीं
प्यार धरती पर फ़रिश्तों से
किया नहीं जाता

ख़ूबसूरत है वो इतना सहा नहीं जाता

उन निगाहों में
मोहब्बत नहीं
तो कहो और क्या है
पर वो मुझसे ये कह रहा
वो किसी और का है
ज़रा सा झूठ भी ढंग से
कहा नहीं जाता

images (3)

ख़ूबसूरत है वो इतना सहा नहीं जाता

आँख में क़ैद किये बैठा
मैं इक हसीं लम्हा
जब मैं इस नींद से जागूँगा
तो दिल टूटेगा
वो मुझे ख़ाब
कोई क्यूँ
दिखा नहीं जाता

ख़ूबसूरत है वो इतना सहा नहीं जाता

click here to English translation

Khoobsurat Hai Woh Itna
Sahaa Nahin Jaata
Kaise Hum Khud Ko Rokh Le
Raha Nahin Jaata

She is so beautiful
That I can not bear it
How do I stop myself,
when I cant control myself

Hayat-and-Murat-Sexy-Wallpaper

Chaand Mein Daag Hai Yeh
Jaante Hain Hum Lekin
Raat Bhar Dekhe Bina Usko
Raha Nahin Jaata

I know that there are
Marks on the moon
But how can I live,
Without looking at it all night

Jo Mera Ho Nahin Paayega
Is Jahaan Mein Kahin
Rooh Ban Kar Milunga Usko
Aasma Mein Kahin

Who cannot be mine
In this lifetime
I will become one with her,
In the sky as a spirit

Pyaar Dharti Par Farishton Se
Kiya Nahin Jaata
Khoobsurat Hai Woh Itna
Sahaa Nahin Jaata

You can not love angels
On the earth
She is so beautiful
That I can not bear it

maxresdefault

Un Nigaahon Mein Mohabbat Nahin
To Kaho Aur Kya Hai
Par Woh Mujh Se Yeh Keh Raha
Woh Kisi Aur Kaa Hai

What is in her eyes,
Tell me if it is not love?
But she tells me
That love is for someone else

Zara Sa Jhooth Bhi Dhang Se
Kaha Nahin Jaata
Khoobsurat Hai Woh Itna
Sahaa Nahin Jaata

Even a simple lie,
She can’t say cleanly
She is so beautiful
That I can not bear it

Aankh Mein Kaid Kiye Baitha
Main Ek Haseen Lamha
Jab Main Is Neend Se Jagunga
To Dil Tootega

Captured in my eyes,
Is a beautiful moment,
When I will wake up from this dream
My heart will break

Woh Mujhe Khwaab Koi Kyon
Dikha Nahin Jaata
Khoobsurat Hai Woh Itna
Sahaa Nahin Jaata

Why doesn’t she
make this dream a reality
She is so beautiful
That I can not bear it

Makhadum ki Yaad Me : Faiz

  मख़दूम[1]की याद में

photography31117

“आपकी याद आती रही रात-भर”
चाँदनी दिल दुखाती रही रात-भर

गाह जलती हुई, गाह बुझती हुई
शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात-भर
कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन[2]
कोई तस्वीर गाती रही रात-भर
फिर सबा[3] सायः-ए-शाख़े-गुल[4]के तले
कोई क़िस्सा सुनाती रही रात-भर
जो न आया उसे कोई ज़ंजीरे-दर[5]
हर सदा पर बुलाती रही रात-भर
एक उमीद से दिल बहलता रहा
इक तमन्ना सताती रही रात-भर
मास्को, सितंबर, 1978
  1. उर्दू के मशहूर कवि, जिन्होंने तेलंगाना आंदोलन में हिस्सा लिया था। उनकी ग़ज़ल से प्रेरित होकर ही ’फ़ैज़’ ने यह ग़ज़ल लिखी है
  2. वस्त्र
  3. ठंडी हवा
  4. गुलाब की टहनी की छाया
  5. दरवाज़े कि साँकल

Faiz: mujhase pahli si

photography31117

रचना: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग

मैं ने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ है हयात
तेरा ग़म है तो ग़म-ए-दहर का झगड़ा क्या है
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है (2)
तू जो मिल जाये तो तक़दीर निगूँ हो जाये
यूँ न था मैं ने फ़क़त चाहा था यूँ हो जाये
और भी दुःख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा

(दरख़्शाँ == रोशन, हयात == ज़िन्दगी, ग़म-ए-दहर == दुनिया भर के ग़म, आलम == दुनिया, सबात == स्थिरता, निगूँ == झुकना, फ़क़त == सिर्फ, वस्ल == मुलाकात)

मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग

अनगिनत सदियों के तारीक बहीमाना तलिस्म
रेशम-ओ-अतलस-ओ-कमख़्वाब में बुनवाये हुये
जा-ब-जा बिकते हुये कूचा-ओ-बाज़ार में जिस्म
ख़ाक में लिथड़े हुये ख़ून में नहलाये हुये
जिस्म निकले हुये अमराज़ के तन्नूरों से
पीप बहती हुई गलते हुये नासूरों से
लौट जाती है उधर को भी नज़र क्या कीजे
अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे
और भी दुःख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा

(तारीक == अंधेरा, बहीमाना == डरावना, तलिस्म == जादू, अतलस == साटन का कपड़ा, कमख़्वाब == जरीदार वस्त्र, जा-ब-जा == जगह-जगह, अमराज़ == घाव, तन्नूर == भट्ठी)

मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग

Create a website or blog at WordPress.com

Up ↑